बेरोजगारी भत्‍ता
 

क रा बी योजना

व्‍याप्ति
अंशदान
हितलाभ
छूट
 
 
 


बेरोजगारी भत्‍ता

राजीव गॉंधी श्रमिक कल्‍याण योजना

क.रा.बी. अधिनियम के अंतर्गत व्‍याप्‍त कर्मचारियों (बीमाकृत व्‍यक्तियों) को बेरोजगारी की स्थिति में कुछ निश्चित आकस्मिकताओं में नकद सहायता प्रदान करने की अनूठी योजना क.रा.बी. निगम द्वारा 01.04.2005 से लागू की गई।

इस योजना के अनुसार प्रभावित बीमाकृत व्‍यक्तियों को अधिकतम छ महीने तक नकद भुगतान अथवा पुन: रोजगार में आने तक, जो भी पहले हो, किया जाएगा। इस हितलाभ को राजीवगॉंधी श्रमिक कल्‍याण योजना कहते हैं।

बीमाकृत व्‍यक्तियों को बेरोजगार सिद्ध करने वाली स्थितियॉं :


1. कारखानों/स्‍थापनाओं का स्‍थायी रूप से बंद होना।

2. कर्मचारियों की छटनी।

3. कारखाना/स्‍थापना से इतर स्‍थानों पर बीमाकृत व्‍यक्तियों की दुर्घटना होना, जिसे गैर-रोजगार चोट कहते हैं, अर्थात् बीमाकृत व्‍यक्तियों के अपने निजी कारणों की वजह से अन्‍य स्‍थानों पर बाहरी दुर्घटना होना, जिसके कारण 50% से कम तक स्‍थायी अशक्‍तता होने की स्थिति में रोजगार की हानि होने पर।

पात्रता की शर्तें:

1. प्रभावित व्‍यक्तियों को बेरोजगार घोषित होने की तिथि पर बीमाकृत व्‍यक्ति के अर्थ के रूप में होना चाहिए।
2. बीमाकृत व्‍यक्तियों ने बेरोजगार होने से पहले 3 वर्षो अर्थात् 6 अंशदान अवधि तक अंशदान अदा किया हो।

3. 01.04.2005 को अथवा उसके बाद बेरोजगार हुए बीमाकृत व्‍यक्ति ही केवल इस हितलाभ का दावा करने के पात्र होंगे।

4. बीमाकृत व्‍यक्तियों को विद्यमान अन्‍य अधिनियम/कानून/योजना के प्रावधानों के अंतर्गत इसी तरह का हितलाभ उपलब्‍ध कराए जाने की स्थिति में बेरोजगार भत्‍ता देय नहीं होगा।

बीमाकृत व्‍यक्ति की सेवा अवधि निरंतर एक ही नियोजक के साथ होना आवश्‍यक नहीं है। बीमाकृत व्‍यक्ति, उसी अथवा किसी अन्‍य क्षेत्र में, किसी अन्‍य नियोजकों के पास उसके द्वारा बीमा योग्‍य रोजगार में कर्मचारी के रूप में की गई सेवा अवधि पर ध्‍यान दिए बिना इस भत्‍ते का हकदार होगा।

हितलाभ की प्रमात्रा
1. बेरोजगार भत्‍ते की दैनिक दर की मानक हितलाभ दर प्रभावित बीमाकृत व्‍यक्तियों के बेरोजगार होने से पूर्ववर्त्‍ती चार अंशदान अवधियों के दौरान औसत दैनिक मजदूरी के आधार पर परिकलित की जाएगी।
2. इस योजना के अंतर्गत पात्र बीमाकृत व्‍यक्ति या तो मासिक आधार पर या एक ही बार एकमुश्‍त भुगतान के आधार पर अधिकतम छ: महीने अथवा पुन: रोजगार में आने तक , जो भी पहले हो, नकद भुगतान के लिए विकल्‍प दे सकता है।

3. इस योजना के अंतर्गत प्रभावित बीमांकृत व्‍यक्ति, यदि पात्र हो, तो नकद भुगतान किसी अन्‍य बीमारी हितलाभ अथवा अस्‍थायी अपंगता हितलाभ अथवा प्रसूति हितलाभ के नकद भुगतान के साथ नहीं जोड़ा जाएगा। तथा‍पि बीमाकृत व्‍यक्ति अपनी इच्‍छानुसार बेरोजगार भत्‍ते को शामिल करते हुए कोई अन्‍य पूर्वोक्‍त हितलाभ के लिए विकल्‍प दे सकता है…

4. इस योजना के अधीन बेरोजगार भत्‍ते के पात्र बीमाकृत व्‍यक्ति और उनके परिवारजन क रा बी अस्‍पताल/क रा बी औषधालयों में चिकित्‍सा देखभाल / उपचार के हकदार होंगे ।

5. इस योजना के अंतर्गत प्रभावित बीमाकृत व्‍यक्तियों द्वारा क रा बी निगम के उसी शाखा कार्यालय में नकद दावा / भुगतान किया जा सकता है जिस शाखा कार्यालय बीमाकृत व्‍यक्ति बेरोजगारी की तिथि से पूर्व शामिल थे। बेरोजगारी भत्‍ता दावा के लिए निर्धारित प्रपत्र, शाखा कार्यालयों से प्राप्‍त किया जा सकता है और बेराजगारी को सिद्ध के लिए आवश्‍यक दस्‍तावेजों के साथ दावा किया जा सकता है।

निम्‍नलिखित परिस्थितियों में बेरोजगारी भत्‍ता स्‍वीकार्य नहीं होगा:

1. तालाबंदी के दौरान ।
2 कारखाने / स्‍थापना में कामबंदी / अस्‍थायी बंदी ।
3. कर्मचारियों द्वारा हड़ताल ।
4. नियोजन का स्‍वैच्छिक परित्‍याग / स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति /समयपूर्व सेवानिवृत्ति ।

5. पांच वर्ष से कम अंशदायी सेवा ।
6. अधिवर्षिता अथवा 60 (साठ) वर्ष की आयु, जो भी पहले हो, होने पर ।

7. क रा बी अधिनियम की धारा 84 के प्रावधानों के अंतर्गत सिद्धदोष (अर्थात् मिथ्‍या विवरण के लिए दंडित होने पर ।)
8. बेरोजगारी भत्‍ता प्राप्‍त करने की अवधि के दौरान कहीं अन्‍यत्र पुनर्नियोजन प्राप्‍त होने पर ।
9. अनुशासनिक कार्रवाई के अंतर्गत बर्खास्‍तगी / सेवा- समाप्ति ।
10. बीमाकृत व्‍यक्ति की मृत्‍यु होने पर ।


 
       
   

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कॉपी राइट, क रा बी नि, चेन्‍नै, तमिलनाडु, भारत
अद्यतन June 29, 2007 00:41:51