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हितलाभ बीमारी हितलाभ बीमारी हितलाभ में बीमाकृत व्यक्ति को, बीमा योग्य नियोजन में नौ महीने पूरे कर लेने पर प्रमाणित बीमारी की अवधि के लिए सामयिक भुगतान का द्योतक है। इस हितलाभ के अर्हक होने के लिए प्रमाणिक अंशदान अवधि में कम-से-कम 78 दिन का अंशदान देय होना चाहिए। बीमारी हितलाभ दो लगातार हितलाभ अवधियों में 91 दिन के लिए स्वीकार्य है। निर्धारित लम्बी अवधि की बीमारियों के मामलें में यह शुरूआती तौर पर 124 दिन के लिए तथा आवश्यकता पड़ने पर 309 दिनों के लिए बढ़ाया जाता है। यह आगे पात्र मामलों में अधिकतम 330 दिनों की अवधि (कुल 703 दिनों के लिए) तक बढ़ाया जा सकता है। पिछले प्रदत्त बीमारी हितलाभ के पिछले समय के 15 दिनों के अंतर्गत यदि बीमाकृत व्यक्ति को बीमारी प्रमाणित करने पर, मौजूदा दो दिन के इंतजार की अवधि को माफ किया जाता है। भुगतान दर, दैनिक मजदूरी के औसतन 50 प्रतिशत से ऊपर प्रतिदिन 14 रूपये से 195 रूपये तक बदलती रहती है। बीमारी हितलाभ एवं विस्तारित बीमारी हितलाभ के लिए पात्रता शर्तें:बीमारी हितलाभ के लिए प्रासंगिक अंशदान अवधि में 78 दिन से कम अंशदान न होना और 4 प्रासंगिक अंशदान अवधियों में 156 दिन से कम अंशदान न होना एवं इन अंशदान अवधियों में से कम-से-कम किसी एक में बीमारी हितलाभ के लिए पात्रता तथा दो वर्ष की सेवा आदि विस्तारित बीमारी हितलाभ के लिए अनिवार्य पा्रता की शर्तें हैं। बढ़ाया गया बीमारी हितलाभ: यह बन्ध्यीकरण शल्य चिकित्सा के लिए स्वीकार्य है। नसबंदी शल्य-चिकित्सा के मामले में 14 दिन (चिकित्सीय सलाह पर 7 दिन और बढ़ाया जा सकता है) की अवधि होती है तथा नलबंदी के मामले में 7 दिन की अवधि होती है। बीमारी हितलाभ के लिए उपर बताई गई वही पात्रता शर्तें हैं। इसकी दर लगभग पूर्ण मजदूरी के समान होती है। |
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