कारखानो का पंजीकरण
क रा बी अधिनियम के विनियम 10-बी की धारा 2 ए के अंतर्गत कारखाना या स्थापना द्वारा कर्मचारी राज्य बीमा निगम में पंजीकरण कराना नियोजक का सांविधिक उत्तरदायित्व है। जिस कारखानों या स्थापनाओं पर यह कानूनी तौर पर पहली बार लागू हो रहा हो, उसके संबंध में नियोजक को कानून लागू होने के 15 दिनों के अंदर संबंधित क्षेत्रीय / उपक्षेत्रीय कार्यालय में पंजीकरण के फॉर्म-01( नियोजक पंजीकरण फॉर्म) में भरकर देना अनिवार्य है।
इसके अतिरिक्त नियोजक के लिए यह बाध्यकारी है कि नियोजक को अलग कागज में कारखाना/स्थापना का नाम व पता, कर्मचारियों की संख्या, कार्य की प्रकृति और कारखाना/ स्थापना के परिसर से बाहर स्थित अन्य कार्यालयों के संबंध में नियंत्रण करने वाले ऐसे प्रबंधक का नाम, पदनाम और पता भी सूचित करें।
खानों के पंजीकरण की प्रक्रिया
चरण 1:
यह सुनिश्चित करना है कि आपका कारखाना/स्थापना क रा बी नि के कार्यान्वित क्षेत्र में स्थित है कि नहीं। इस विषय में संपर्क करने पर क रा बी नि के क्षेत्रीय कार्यालय, उपक्षेत्रीय कार्यालय, शाखा कार्यालय एवं निरीक्षण कार्यालय आपका मार्गदर्शन करेंगे।
चरण 2:
अधिनियम के विनियम 10-बी धारा 2-क के अनुसार कारखानों/स्थापनाओं के 15 दिनों के भीतर या जिस क्षेत्र में कारखाना स्थापित है उसमें अधिनियम लागू होने के 15 दिन बाद, कारखाने का पंजीकरण कराना नियोजक की कानूनी उत्तरदायित्व है। इस उद्देश्य के लिए उपयुक्त कार्यालय (आपके संबंध में क्षेत्रीय कार्यालय, चेन्नई) में फॉर्म-01 में पंजीकरण की घोषणा जमा करवानी होती है।
चरण 3:
उप क्षेत्रीय कार्यालय व्याप्ति के पहलुओं का परीक्षण करने के बाद सी-11 फॉर्म में एक विशिष्ट कूट संख्या आवंटित करता है। यह आवंटित संख्या नियोजक के लिए बहुत विशिष्ट होती है और क रा बी के साथ सभी पत्राचार में इसका प्रयोग करना होता है। क्षेत्र के जिस विशेष शाखा कार्यालय के साथ नियोजक को शामिल किया जाता है नियोजकों के पंजीकरण के लिए मान्य होता है। कोयम्बतूर उप क्षेत्र के अंतर्गत शाखा कार्यालयों एवं औषधालयों की सूची एक अलग पुस्तिका में दी गई है।
उप कूट संख्या
किसी मामले में, नियोजक का मुख्य कारखाना/ स्थापना एक स्थान पर होता और दूसरे स्थान पर उप इकाई , शाखा कार्यालय, बिक्री कार्यालय या पंजीकृत कार्यालय होते हैं। इन सभी स्थितियों में क्षेत्रीय कार्यालय/ उप क्षेत्रीय कार्यालय नियोजक के अनुरोध पर प्रत्येक उप इकाई, शाखा कार्यालय, बिक्री कार्यालय या पंजीकृत कार्यालय को उप कूट संख्या आवंटित की जाती है।
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