|
 |
चिकित्सा हितलाभ
क रा बी अधिनियम 1948 के अंतर्गत व्याप्त स्थापनाओं में नियोजित बीमाकृत व्यक्ति व उनके आश्रितजन उसी दिन से पूर्ण चिकित्सा हितलाभ के पात्र हो जाते है जिस दिन बीमाकृत व्यक्ति रोजगार में आता है । इस बृहत् पैकेज में प्राथमिक चिकित्सा, विशेषज्ञ और नैदानिक सेवाएं, अति विशेष सुविधाओं के साथ अंतरंग देखभाल आदि का प्रावधान है ।
 |
|
 |
बीमारी हितलाभ
किसी बीमारी की अवस्था में प्राधिकृत व्यक्ति को उसकी मजदूरी की क्षतिपूर्ति के रूप में नकद भुगतान किया जाता है । यह एक साल में 91 दिनों के लिए और नकद हितलाभ मजदूरी के 50 प्रतिशत के बराबर स्वीकार्य है ।

|
|
 |
प्रसूति हितलाभ
प्रसूति हितलाभ बीमाकृत महिलाओं की प्रसूति अथवा गर्भपात की अवस्था में 12 सप्ताह के लिए तथा मजदूरी की 100 प्रतिशत क्षतिपूर्ति के साथ स्वीकार्य है ।

|
|
 |
अपंगता हितलाभ
अस्थायी अपंगता हितलाभ नकदी रूप में रोजगार चोट के स्वस्थ होने तक मजदूरी की 70 प्रतिशत की दर से अदा किया जाता है । रोजगार चोट अथवा व्यावसायिक रोग के कारण स्थायी रूप से शारीरिक अपंगता की दशा में जीवन पर्यन्त अपंगता हितलाभ चिकित्सा बोर्ड द्वारा निर्धारित अर्जन क्षमता की क्षति के अनुपात की दर से अदा किया जाता है ।
 |
|
 |
आश्रित हितलाभ
आश्रित हितलाभ पारिवारिक पेंशन के रूप में रोजगार चोट या व्यावसायिक रोग के कारण बीमाकृत व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में उसके आश्रितों को दी जाती है जो मजदूरी के लगभग 70 प्रतिशत के बराबर होती है ।

|
|
इसके अतिरिक्त यह योजना बीमाकृत योजना बीमाकृत मजदूरों को कुछ अन्य आवश्यकता आधारित लाभ भी प्रदान करती है । जैसे: |
| |
|